My Expectation from You

My Expectation from You

कलाकार को कदरदान मिल जाए…..

कलाकार को कदरदान मिल जाए

बेघर को मकान मिल जाए

टूटा फूटा ही हो चाहे

पर थोड़ा सजावट का सामान मिल जाए

 

सजाऊंगा फिर मैं दिल को अपने

बिठाऊंगा उसमें नए से सपने

बस क़दमों का उसके निशां मिल जाए

 

बेग़ैरत सी दुनिआ, बेग़ैरत से लोग

मुझे ग़ैरत का थोड़ा जहां मिल जाए

जो दूर है दुनिआ नज़रों से तेरी

आशियाना इक मुझको वहां मिल जाए – २

2 thoughts on “My Expectation from You

  1. Awesome lines by akshat .i am regularly following the page and reading the poetry by akshat ji . I m become fan of Akshat

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