Why Do I Write

अपना परिचय मैं इस बात से दे सकता हुँ की बचपन से ही मैं अध्यात्म से जुड़ा रहा हुँ और मेरा परम शक्ति परमात्मा पर गहरा विश्वास है, हालांकि मैं भक्ति से ज्यादा उस परम रूह से प्रेम के अधिकार का सम्बन्ध रखता हुँ और शायद यहीँ वजह है की जीवन के हर एक क्षेत्र में मैंने सिर्फ इन पांच तत्वों के बने इंसान की आवश्यकताओं पर ही ध्यान केंद्रित नही किया बल्कि अपनी इस रूह की वास्तविक ज़रूरतों जैसे प्रेम, शांति, निस्वार्थ भाव इत्यादि को सर्वोपरि रखा है. मेरी लिखी रचनाओँ में आपको एक पाक़ और ख़ुदा से जुडी इक रूह के जस्बात मिलेंगे जो की कहीं न कहीं हम सभ के जज़बात हैं पर जिन्हें आज के इच्छाओं से भरे युग में हम चाह कर भी पहचान नही पाते.

इस किताब के ज़रिये मैं मैं बस अपनी सोच को अपने हर एक भाई बहन तक पहुँचाना चाहता हुँ ताकि हर इक इंसान अपनी बनावटी पहचान से ऊपर उठ कर अपनी वास्तविक पहचान और उस पहचान को देने वाले को जान कर जीवन के वास्तविक मुल्यों से इस रंग मंच की दुनिआ में अपने हर कर्म से अपनी साँसों को सफल कर जाये

धन्यवाद!  

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My Dedication is to

Supreme Soul “Shiv “

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